vinay Kumar
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विनय कुमार की मानसून सीरीज़ : अमूर्तता

वसिली कैंडिंस्की एक दिन अपने स्टूडियो में एक पेंटिंग देखी जिसे वह पहचान नहीं पाए, और उन्हें वह बहुत सुंदर लगा। बाद में उन्हें एहसास हुआ कि जिस पेंटिंग को वे पहचान नहीं पा रहे थे, वह पेंटिंग वास्तव में उनका ही बनाया हुआ था, लेकिन वह उल्टा रखा हुआ था। ( संदर्भ -1) एक उल्टी…

Laxman Aelay
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डिकोडिंग लक्ष्मण ऐले: ‘गांधी’ पेंटिंग | दृश्यात्मकता और द्वंद्ववाद

पेंटिंग की शक्ति के बारे में एक ग्रीक कथा है, जो प्लिनी के “Natural History” में वर्णित है। यह कहानी पांचवीं शताब्दी ईसा पूर्व के दो महान ग्रीक चित्रकारों ज़ियक्सिस (Zixis)और पार्हासियस (Parhasius) के बीच एक प्रतियोगिता की है। इस प्रतियोगिता में ज़ियक्सिसऔर पार्हासियस ने यह साबित करने की कोशिश की कि कौन सबसे यथार्थवादी…

Akhilesh
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अखिलेश का रेखाचित्र : अर्थ की संभावना

“एक चित्र किसी अनुभव के बारे में नहीं बताता है, वह खुद एक अनुभव होता है” (संदर्भ -1) रोथको के इस कथन की तरह Ar Akhilesh 2019 का यह रेखाचित्र अर्थ से अधिक एक अनुभव की और ले जाता है। पहली नज़र में यह रेखाचित्र (चित्र में) साधारण प्रतीत हो सकता है, मगर इसकी खंडित शैली,…