Basu Chatterjee
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सारा आकाश: बासु चटर्जी की सिनेमा का विरोधाभास

बासु चटर्जी को साधारण मध्यमवर्गीय जीवन का सहज फिल्म निर्देशक माना जाता है और उनकी पहली फिल्म “सारा आकाश” (1969) को इसका उदाहरण माना जाता है, मगर बासु चटर्जी के निर्देशन और फिल्मों का एक विरोधाभास यह है कि निर्देशक की कहन शैली उतनी साधारण नहीं है, बल्कि लाउड और गैर सिनेमाई है। इस बात…

Nand Katyal
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नंद कत्याल : एक दृश्य-संगीतकार

“जब तुम वह छोड़ देते हो जो तुम हो, तो तुम वह बन जाते हो जो तुम हो सकते हो।दरवेश नाचता है, और दुनिया संगीत बन जाती है।” (रूमी ) सूफी दर्शन में कला के विभिन्न रूपों का आपसी मिलन होता है, जहाँ एक कला रूप अन्य से जुड़ी भावनाओं को उत्पन्न कर सकता है। एक…

वाज़दा ख़ान
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वाज़दा ख़ान की ‘ड्रीम डायरी’

ग्रीक कथा में प्रसिद्ध “प्लेटो की गुफा” एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। प्लेटो ने एक रूपक के रूप में बताया कि गुफा में बैठे कुछ लोग केवल छायाएँ देखते हैं और उन्हें ही वास्तविकता मानते हैं। जब उनमें से एक व्यक्ति गुफा से बाहर निकलता है और वास्तविक संसार देखता है, तो वह समझता है कि…