नंद कत्याल : एक दृश्य-संगीतकार
“जब तुम वह छोड़ देते हो जो तुम हो, तो तुम वह बन जाते हो जो तुम हो सकते हो।
दरवेश नाचता है, और दुनिया संगीत बन जाती है।” (रूमी )
सूफी दर्शन में कला के विभिन्न रूपों का आपसी मिलन होता है, जहाँ एक कला रूप अन्य से जुड़ी भावनाओं को उत्पन्न कर सकता है। एक सूफी कवि दरवेशों के नृत्य को इस प्रकार वर्णित कर सकता है कि वह “दृश्य संगीत” बन जाता है, जहाँ गति और लय इस तरह जुड़ी होती हैं कि दर्शक लगभग नृत्य को “सुन” सकते हैं। रूमी के उक्त उद्धरण का अर्थ यह है कि सुफी दरवेशों का नृत्य (जैसे कि व्हर्लिंग दरवेश) केवल शारीरिक गतिविधि नहीं है, बल्कि एक आध्यात्मिक अभ्यास है, जो उन्हें ब्रह्मांड के साथ सामंजस्य में लाता है, और वह नृत्य के दृश्य को संगीत की तरह महसूस करते हैं।
रुमी के “दृश्य संगीत” की तरह नंद कत्याल की शैली की सबसे बड़ी विशेषता उनके द्वारा रंगों का अत्यंत कुशल उपयोग और संगीत से प्रेरित कल्पना है। रंगों का चयन और उनका घुला-मिला प्रयोग यह दर्शाता है कि वह अपने कैनवास पर रंगों से संगीत की एक लयबद्ध प्रभाव उत्पन्न करते हैं। उदाहरण के लिए “The Black Cat” एक शब्दहीन संगीत की तरह है, जो देखने वालों के भीतर एक अनकहा अनुभव छोड़ जाता है।
“The Black Cat” नंद कत्याल द्वारा 1982 में तैयार की गई थी और इस पेंटिंग में रंगों का अद्भुत खेल रुमी के “दृश्य संगीत” की तरह है । “The Black Cat” में हरे और नीले रंगों के गहरे शेड्स का विस्तृत उपयोग देखा जाता है। इस पेंटिंग की संरचना को यदि गहराई से देखा जाए तो तीन स्पष्ट स्तर दिखाई देते हैं। ऊपरी भाग में आकाश का नीला विस्तार, जिसमें पेड़ धीरे-धीरे मिलते हुए दिखाई देते हैं। मध्य भाग में हरियाली से भरा मैदान, जो जीवंतता और शांति का प्रतीक है। निचला भाग में काली बिल्ली का बैठा हुआ या लेटा हुआ स्वरूप, जो पूरे दृश्य का फोकल पॉइंट बन जाता है।
संरचना के इन तीन स्तरों में एक भावनात्मक प्रवाह है। आकाश का नीला रंग गहनता और असीम की अनुभूति देता है, जबकि हरियाली संतुलन और आशा का प्रतीक है। हरे और नीले रंग का यह सम्मिश्रण एक अव्यक्त सौंदर्य और भावनात्मक गहराई को दर्शाता है। इस पेंटिंग में नीले आकाश की ओर बढ़ते पेड़ और सघन हरियाली एक रहस्यमय वातावरण रचते हैं।
पेंटिंग का सबसे खास हिस्सा “ब्लैक कैट” है। यह चित्र के निचले भाग में बैठी हुई या लेटी हुई दिखाई देती है। काले रंग की यह बिल्ली न सिर्फ एक साधारण पशु का प्रतीक है, बल्कि यह गहराई में जाकर कई अर्थ प्रस्तुत करती है।काली बिल्ली इस पूरी संरचना में एक रहस्यमय तत्व जोड़ती है, जो दर्शक को सोचने पर विवश करता है।
हकाली बिल्ली प्राचीन समय से ही रहस्य, जिज्ञासा और भाग्य के प्रतीक के रूप में देखी जाती रही है। यह पेंटिंग इस रहस्यमय तत्व को उजागर करती है। बिल्ली को अकेलेपन और चुप्पी के प्रतीक के रूप में भी देखा जा सकता है। यहाँ यह प्राकृतिक पृष्ठभूमि के साथ एक विरोधाभास (contrast) उत्पन्न करती है। यह अकेली काली बिल्ली, मानो दर्शक को प्रकृति के सौंदर्य के पीछे छुपे किसी अदृश्य कहानी की ओर संकेत कर रही है।
कला समीक्षक क्लाइव बेल अपनी पुस्तक “Art” (1914, Chatto & Windus) में कहते हैं, “A work of art should evoke significant form, a combination of lines and colors capable of provoking aesthetic emotions.” नंद कत्याल की ‘The Black Cat’ इसी “significant form” को प्रस्तुत करती है।
कत्याल की यह पेंटिंग हमें अवचेतन की यात्रा पर ले जाती है, जहाँ रहस्य, अज्ञात और भय के तत्व हमारे सामने आते हैं। पेंटिंग की रहस्यमयता और काली बिल्ली का धुंधलापन हमें सिगमंड फ्रायड की अवधारणा “The Uncanny” (1919, Imago) की याद दिलाती है, जिसमें फ्रायड लिखते हैं, “The uncanny is that class of the terrifying which leads back to something long known to us, once familiar.” काली बिल्ली यहाँ एक परिचित भय और जिज्ञासा को उजागर करती है।
‘ब्लैक कैट’ में आकृतियाँ और रंग स्पष्ट नहीं हैं। यह नंद कट्याल की अमूर्त कला का एक उदाहरण है। अमूर्तता दर्शक को कला के अर्थ की खोज करने के लिए प्रेरित करती है। काले बिल्ली का धुंधलापन यह दर्शाता है कि जीवन के कुछ पक्ष कभी स्पष्ट नहीं होते। नंद कट्याल की यह कृति जीवन के उस पक्ष को दर्शाती है, जिसे हम अक्सर नज़रअंदाज़ कर देते हैं। यह पेंटिंग हमें हमारे अवचेतन मन की यात्रा पर ले जाती है, जहाँ डर, रहस्य और अज्ञात की दुनिया बसी होती है।
नंद कट्याल के ब्रश स्ट्रोक्स पेंटिंग में गति और जीवन का आभास कराते हैं। विशेष रूप से हरे रंग में उनकी तकनीक काबिल-ए-तारीफ है। हरे रंग की विविध छटाओं में उन्होंने चौड़े, लंबे और थोड़े झटकेदार स्ट्रोक्स का प्रयोग किया है, जिससे पेंटिंग के निचले हिस्से में हलचल और जीवन का आभास होता है। ये स्ट्रोक्स एक प्रकार की गति का संचार करते हैं, मानो हवा के झोंके में घास हिल रही हो या जंगल के पत्ते हल्के कंपन के साथ थिरक रहे हों। जहाँ हरा और नीला रंग व्यापक स्ट्रोक्स के साथ पेंटिंग की पृष्ठभूमि तैयार करते हैं, वहीं काले रंग का प्रयोग सूक्ष्म और सघन स्ट्रोक्स के माध्यम से किया गया है। ‘ब्लैक कैट’ की आकृति में ये स्ट्रोक्स अत्यंत संयमित और प्रभावशाली हैं। काली बिल्ली की आकृति को पूरी तरह से परिभाषित न करते हुए भी, नंद कट्याल ने उसके अस्तित्व को महसूस कराया है। इसके लिए उन्होंने छोटे और हल्की परतों का उपयोग किया है। गहरे हरे रंग के ऊपर हल्के स्ट्रोक्स और नीले रंग की परछाइयाँ पेंटिंग में कई परतें बनाती हैं, जिससे यह बहु-आयामी (multi-dimensional) लगती है।
पेंटिंग की बनावट में गहराई का आभास कराने के लिए नंद कट्याल ने अलग-अलग दिशा में बहने वाले ब्रश स्ट्रोक्स का प्रयोग किया है। उदाहरण के तौर पर हरे रंग के स्ट्रोक्स पेंटिंग के निचले हिस्से में क्षैतिज और तिरछी दिशाओं में चलते हुए दिखते हैं। नीले रंग में ब्रश स्ट्रोक्स हल्के सर्पिल (स्पाइरल) रूप में ऊपर की ओर उठते प्रतीत होते हैं। काले रंग के स्ट्रोक्स घनी बनावट के साथ बिल्ली की आकृति में गहराई और रहस्य जोड़ते हैं। ब्रश स्ट्रोक्स का दिशा-प्रवाह, विशेषकर निचले हिस्से में, एक “जीवंत हलचल” का अनुभव कराता है। कत्याल के स्ट्रोक्स में एक लयबद्धता है, जो संगीत से प्रेरित प्रतीत होती है। इस संदर्भ में वासिली कंडिंस्की अपनी पुस्तक “Concerning the Spiritual in Art” (1912, Dover Publications) में लिखते हैं, “रंग आत्मा पर सीधा प्रभाव डालते हैं। वे हमारे मन को कंपन से भर देते हैं, जैसे संगीत की ध्वनि।”
‘ब्लैक कैट’ न केवल एक दृश्यात्मक अनुभव देती है, बल्कि दर्शकों के मन में कई सवाल भी खड़े करती है। यह पेंटिंग एक ऐसा संवाद रचती है, जहाँ दर्शक और कला एक दूसरे से बात करते हैं। यह पेंटिंग दर्शक को सिर्फ देखने के लिए नहीं, बल्कि अनुभव करने के लिए आमंत्रित करती है। यह दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती है कि काली बिल्ली का यह प्रतीक क्या दर्शाता है? क्या यह हमारे भय का प्रतिबिंब है, या फिर यह जीवन के किसी गूढ़ सत्य की ओर इशारा करता है?
जैसा कि ऑस्ट्रेलिया के काउर्ना जनजाति की एक प्रसिद्ध लोक कथा है – तिजिलब्रुके (Tjilbruke) की कथा। ग्यारह हजार साल पहले तिजिलब्रुके का भाई एक दिन शिकार के दौरान एक दुर्घटना में मारा जाता है। भाई की मृत्यु ने तिजिलब्रुके को गहरे शोक में डाल दिया। तिजिलब्रुके की आँसुओं ने आकाश में एक सुंदर और रंगीन इंद्रधनुष भी उत्पन्न किया और दुनिया में रंग आया। कथानुसार इंद्रधनुष के रंगों का संबंध केवल प्राकृतिक सौंदर्य से नहीं, बल्कि जीवन के उतार-चढ़ाव और मृत्यू इंद्रधनुष के रंगों के बाद जीवन की आशा से भी जुड़ा था।नंद कत्याल की “The Black Cat” में रंगों का अद्भुत खेल तिजिलब्रुके के इंद्रधनुष के रंगों की तरह है, जो जीवन के उतार-चढ़ाव को दिखाती है।
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