Arthashila Patna
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अर्थशिला पटना का वास्तुशिल्प: कच्चेपन का सौंदर्यशास्त्र

ग्रीक मिथक में डेडालस (Daedalus) को पहला महान शिल्पकार और वास्तुकार माना जाता है डेडालस ने क्रीट शहर में राजा मिनोस के लिए एक भूलभलैया बनाया, एक ऐसा भवन जो केवल दीवारों का नहीं, बल्कि भ्रम और अनुभव का स्थापत्य था। यह भवन दानव मिनोटौर को छिपाकर कैद करने के लिए बनाया गया था, पर…

𝐏𝐫𝐚𝐭𝐢𝐛𝐡𝐚 𝐀𝐰𝐚𝐬𝐭𝐡𝐢
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𝐖𝐡𝐢𝐬𝐩𝐞𝐫𝐬 𝐨𝐟 𝐆𝐫𝐞𝐞𝐧 𝐏𝐫𝐚𝐭𝐢𝐛𝐡𝐚 𝐀𝐰𝐚𝐬𝐭𝐡𝐢’𝐬 𝐒𝐨𝐥𝐨

In the quiet halls of Lalit Kala Akademi, amid the rhythmic hum of Delhi’s polluted autumn air, Pratibha Awasthi’s canvases stand like breathing forests. Her solo exhibition, Beyond the word, running from 12th to 18th October 2025, is an intimate passage.The painting before us does not describe nature, it becomes nature. One stands before it…

Devaraj Dakoji
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देवराज डकोजी:कला का आदिम अनुष्ठान

“…समय बीत जाता है, पर निशान शेष रहता है। शरीर मिट जाता है, पर आभास बना रहता है।” देवराज डकोजी की कला इस क्षणभंगुरता और स्थायित्व के बीच के तनाव को प्रकट करती है। समय के एक दरार में एक डकोजी चित्र नहीं बनाते, बल्कि उत्खनन करते हैं। उनकी कला केवल चित्रण नहीं, बल्कि एक खुदाई…