लक्की जी गुप्ता का माँ मुझे टैगोर बना दे
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लक्की जी गुप्ता का माँ मुझे टैगोर बना दे

 कभी-कभी किसी कला के प्रति कलाकार का समर्पण और अभ्यास की प्रक्रिया का प्रभाव इतना बड़ा हो जाता है कि उसकी कला प्रस्तुति पर बात करना गैर जरूरी लगता है। Luckyjee Gupta उसी तरह के कलाकार हैं, जिन्होनें निरंतर यात्रा करते हुए अपने रंगकर्म की प्रक्रिया के कद को धीरे-धीरे इतना बड़ा कर लिया है…

गांधी कथा नाटक चित्र 5
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पार्टनर कहो तुम्हारी कथा क्या है ? गांधी कथा की रंगमंच समीक्षा

  गांधी कथा : कथा और डिज़ाइन का चुनाव और रंग निर्देशक लिओनार्दो द विंची के ‘द लास्ट सपर’ के स्थिर चित्र की तरह आरंभ होता है , लेखक-निर्देशक सौरभ अनंत और ‘विहान’ समूह के नाटक ‘गांधी कथा’ का, जिसमें ‘कोरस अभिनेता’ गांधी की कथा को कहने को तत्पर हैं। पर शुरूआत कथा से नहीं, एक…

𝐆𝐨𝐠𝐢 𝐒𝐚𝐫𝐨𝐣 𝐏𝐚𝐥 𝐀𝐫𝐭 𝐚𝐬 𝐀 𝐒𝐚𝐧𝐜𝐭𝐮𝐚𝐫𝐲 𝐨𝐟 𝐏𝐚𝐢𝐧
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𝐆𝐨𝐠𝐢 𝐒𝐚𝐫𝐨𝐣 𝐏𝐚𝐥: 𝐀𝐫𝐭 𝐚𝐬 𝐀 𝐒𝐚𝐧𝐜𝐭𝐮𝐚𝐫𝐲 𝐨𝐟 𝐏𝐚𝐢𝐧-Art & Womenhood

“𝐀 𝐛𝐢𝐫𝐝 𝐝𝐨𝐞𝐬𝐧’𝐭 𝐬𝐢𝐧𝐠 𝐛𝐞𝐜𝐚𝐮𝐬𝐞 𝐢𝐭 𝐡𝐚𝐬 𝐚𝐧 𝐚𝐧𝐬𝐰𝐞𝐫, 𝐢𝐭 𝐬𝐢𝐧𝐠𝐬 𝐛𝐞𝐜𝐚𝐮𝐬𝐞 𝐢𝐭 𝐡𝐚𝐬 𝐚 𝐬𝐨𝐧𝐠.” echoing Gogi Saroj Pal’s philosophy. [ Ref.-1, Gogi Saroj Pal , Kinnari & Kinnari Mantras , 2008.] The interplay of pain and life could symbolize the duality of existence. The conceptualization of Gogi’s art is not confined to traditional…