मंच – Theatre | रंगमंच

𝐍𝐨𝐭𝐢𝐨𝐧(𝐬): 𝐀𝐧 𝐎𝐝𝐞 𝐭𝐨 𝐑𝐚𝐰 𝐓𝐡𝐞𝐚𝐭𝐫𝐢𝐜𝐚𝐥 𝐄𝐱𝐩𝐞𝐫𝐢𝐞𝐧𝐜𝐞 𝐛𝐲 𝐒𝐚𝐯𝐢𝐭𝐚 𝐑𝐚𝐧𝐢

 Notion(s) : in between you and me by Savita Rani this play begins with the sensation of touching Imaginary water illuminated by a beam of circular light – an ethereal experience that sets the...

साजिदा साजी का ‘दोज़ख़’ – अतिरेक हिंसा, यथार्थ और सार्थकता

साजिदा साजी का ‘दोज़ख़’ एक ‘अति प्रस्तुति‘ थी और इस ‘अतिरेक’ का स्रोत इसके आधार उपन्यास ब्लैसफेमी (1998) से आया है एवं ब्लैसफेमी में यह अतिरेक लेखिका तहमीना दुर्रानी के अपने जीवन में मौजूद सामाजिक...

लक्की जी गुप्ता का माँ मुझे टैगोर बना दे

 कभी-कभी किसी कला के प्रति कलाकार का समर्पण और अभ्यास की प्रक्रिया का प्रभाव इतना बड़ा हो जाता है कि उसकी कला प्रस्तुति पर बात करना गैर जरूरी लगता है। Luckyjee Gupta उसी तरह के कलाकार हैं, जिन्होनें...

पार्टनर कहो तुम्हारी कथा क्या है ? गांधी कथा की रंगमंच समीक्षा

  गांधी कथा : कथा और डिज़ाइन का चुनाव और रंग निर्देशक लिओनार्दो द विंची के ‘द लास्ट सपर’ के स्थिर चित्र की तरह आरंभ होता है , लेखक-निर्देशक सौरभ अनंत और ‘विहान’ समूह के नाटक ‘गांधी कथा’ का, जिसमें...

उत्तरा बावकर : रंगकर्मी का एक शोकगीत

“O Captain! my Captain! our fearful trip is done”कल जब मैं उत्तरा बावकर की शोकसभा में था , तब वाल्ट व्हिटमैन की कविता ” O Captain! my Captain” की यह पंक्ति बार-बार मन में आ रही...