सारा आकाश: बासु चटर्जी की सिनेमा का विरोधाभास
बासु चटर्जी को साधारण मध्यमवर्गीय जीवन का सहज फिल्म निर्देशक माना जाता है और उनकी पहली फिल्म “सारा आकाश” (1969) को इसका उदाहरण माना जाता है, मगर बासु चटर्जी के निर्देशन और फिल्मों का एक विरोधाभास यह है कि निर्देशक की कहन शैली उतनी साधारण नहीं है, बल्कि लाउड और गैर सिनेमाई है। इस बात…
