vinay Kumar
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विनय कुमार की मानसून सीरीज़ : अमूर्तता

वसिली कैंडिंस्की एक दिन अपने स्टूडियो में एक पेंटिंग देखी जिसे वह पहचान नहीं पाए, और उन्हें वह बहुत सुंदर लगा। बाद में उन्हें एहसास हुआ कि जिस पेंटिंग को वे पहचान नहीं पा रहे थे, वह पेंटिंग वास्तव में उनका ही बनाया हुआ था, लेकिन वह उल्टा रखा हुआ था। ( संदर्भ -1) एक उल्टी…