साजिदा साजी
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साजिदा साजी का ‘दोज़ख़’ – अतिरेक हिंसा, यथार्थ और सार्थकता

साजिदा साजी का ‘दोज़ख़’ एक ‘अति प्रस्तुति‘ थी और इस ‘अतिरेक’ का स्रोत इसके आधार उपन्यास ब्लैसफेमी (1998) से आया है एवं ब्लैसफेमी में यह अतिरेक लेखिका तहमीना दुर्रानी के अपने जीवन में मौजूद सामाजिक हिंसा से आया है। हॉलीवुड में फिल्मों का एक जोनर ‘बॉडी टार्चर या सलेशर’ फिल्म की है, जिसमें शारीरिक और…