राजेश जोशी दस्तावेज इंटरव्यू शो



” मैं बहुत दिन तक सबसे ज्यादा छोटा रहा ..सबसे ज्यादा जिद्दी रहा….जिसे कहते हैं पिनपिने बच्चे” राजेश जोशी

” झगड़ा हुआ तो मैं बाम्बे भाग गया ……..” राजेश जोशी

“सत्ता( कितनी) डरपोक होती है…” राजेश जोशी

“हमारे अंदर भाषा का एक अहंकार है और हम सोचते हैं कि हम सब चीजों को भाषा में पुकार सकते हैं…… हमें ग़लतफ़हमी हो गयी है कि हम हर चीज को नाम दे सकते हैं….. पछियों की भाषा हम नहीं जानते…..पेड़ों की भाषा हम नहीं जानते…. हम समझते है कि हमारी ही भाषा सर्वश्रेष्ठ है…(एक तो ये) इस भाषा के अहंकार को …उनसे हमें बाहर आना चाहिए।” राजेश जोशी

इसी इंटरव्यू से-
राजेश जोशी दस्तावेज इंटरव्यू शो ,
समय- 10 फरवरी 2019 11 A.M.

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *